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भतीजी से छेड़खानी के विरोध पर घर में घुसकर दंपती का गला रेता, पति की हुई मौत

 पटना, (टीएचटी)। पीरबहोर थाना क्षेत्र के अशोक राजपथ स्थित डबल डेकर पुल के पिलर संख्या-60, लालबाग में शनिवार सुबह सत्यम अपने दोस्त सौरभ राज के साथ मिलकर (दोनों 17 वर्ष) घर में घुसा और सो रहे दंपती पर हसुली से गला रेत दिया, यही नहीं सीने में भी हसुली से गोद दिया। हमले में सेल्समैन मो. नवाज आलम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सादिका सना उर्फ नाजिया गंभीर रूप से घायल हो गईं।

पत्नी और बच्ची पर भी हमला
हमलावर ने नाजिया के गर्दन के पिछले हिस्से और हाथ पर वार किया। घटना के दौरान उसने दंपती की दो वर्षीय बच्ची पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन घायल नाजिया के शोर मचाने पर वह फरार हो गया। नाजिया को गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक ने अपनी भतीजी से छेड़खानी का विरोध किया था। इसी बात से नाराज आरोपित ने रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया।

परिजनों का आक्रोश, सड़क जाम
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे लालबाग के पास अशोक राजपथ को जाम कर दिया। वे आरोपी की गिरफ्तारी, फांसी की सजा, घायल महिला के बेहतर इलाज और मुआवजे की मांग कर रहे थे। करीब सात घंटे बाद पुलिस के समझाने पर जाम हटाया गया। इस दौरान घटना से आक्रोशित लोगों ने रोड़ेबाजी भी किया।

परिवार का आरोप, लंबे समय से कर रहा था परेशान
मृतक के बड़े भाई सद्दू ने बताया कि ‘सत्यम कुमार’ पिता गंगा सागर समस्तीपुर दलसिंहसराय निवासी उनकी 12वीं में पढ़ने वाली बेटी को पिछले तीन महीनों से स्कूल और कोचिंग आते-जाते परेशान कर रहा था। वह जबरन दोस्ती करना चाहता था और घर तक पीछा करता था। छेड़खानी करता था, विरोध करने पर पिछले दस दिनों से वह घर की बालकनी पर पत्थर भी फेंक रहा था। शुक्रवार को नवाज आलम ने आरोपित को पकड़कर डांटा और चेतावनी दी थी। इसी के बाद आरोपित ने बदले की भावना से पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, पुछताछ में जो बात सामने आई है, आरोपित पिछले 10 दिनों से घर की रेकी कर रहा था। शनिवार सुबह वह अपने एक साथी के साथ घर पहुंचा, जहां एक बाहर खड़ा रहा और दूसरे ने अंदर घुसकर हमला किया।

हत्या के बाद फरार, फिर गिरफ्तारी
वारदात के बाद आरोपित बेगूसराय भाग गया और एनआईटी घाट पर खून से सने कपड़े बदल दिए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को बेगूसराय स्थित उसके मौसा के घर से और उसके साथी को पटना से गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हसुली (चाकू) और खून से सने कपड़े पटना कॉलेज के कवेन्डिस हॉस्टल के पास झाड़ियों से बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह मृतक की भतीजी के साथ पढ़ता था। लड़की द्वारा तीन महीनों से नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद वह बौखला गया था। उसे लगा कि परिवार उसके रास्ते में बाधा है, इसलिए उसने पूरे परिवार को हत्या की पूरी साजिश रची। आरोपित के पिता पटना में ही गार्ड का काम करता है।

मृतक का परिवार
नवाज आलम आठ भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका परिवार मूल रूप से नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित सोहबत गांव का रहने वाला है। पिछले 25 वर्षों से पटना में रह रहा था। वह एक मॉल में सेल्समैन थे। परिवार में पत्नी, दो वर्षीय पुत्री और दो माह की गर्भवती पत्नी शामिल हैं। बड़ा भाई सेल्स टैक्स में सीनियर क्लर्क है।दो भाई एक ही मकान में तीसरे तल्ले पर अलग-अलग फ्लैट में रहते है।

पुलिस का बयान
सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने बताया कि दोनों नाबालिगों आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जा रही है।

जुनून का खतरनाक अंजाम
पुलिस के अनुसार, यह वारदात एकतरफा लगाव और जुनून का परिणाम है, जिसने एक परिवार को बर्बाद कर दिया।