एम्स पटना में ‘समग्र देखभाल’ की शुरुआत, मरीजों को एक छत के नीचे मिलेगा इलाज से लेकर सहारा
पटना (टीएचटी)। एम्स पटना ने मरीजों को बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल में शुक्रवार को ‘मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट’ की शुरुआत की गई, जो इलाज के साथ-साथ मरीजों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। यह इकाई ‘वन-स्टॉप सेंटर’ के रूप में काम करेगी, जहां मरीजों और उनके परिजनों को काउंसलिंग, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही जगह पर मिलेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इलाज के दौरान मरीज केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और आर्थिक दबाव से भी गुजरते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस नई इकाई की स्थापना की गई है। यहां मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े कर्मी तैनात रहेंगे, जो मरीजों को योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे।
इस यूनिट के माध्यम से मरीज मुख्यमंत्री राहत कोष, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम समेत केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। साथ ही यह इकाई मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच सेतु का काम करेगी तथा सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करेगी।
उद्घाटन मौके पर कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अनूप कुमार, डीएमएस (रोगी शिकायत) डॉ. संजीब कुमार घोष और नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा मौजूद रहे। डॉ. सिन्हा ने बताया कि आयुष्मान योजना का बैकएंड कार्य भी अब इसी इकाई से संचालित होगा और अन्य योजनाओं को भी यहां से सुव्यवस्थित किया जाएगा।
प्रो. डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि यह पहल जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, वहीं डॉ. राजू अग्रवाल ने इसे मरीजों और डॉक्टरों के बीच भरोसे का मजबूत पुल बताया। एम्स पटना में पहले से बड़ी संख्या में आयुष्मान योजना के मरीज आते हैं, ऐसे में इस नई व्यवस्था से सेवाएं और अधिक सुलभ व प्रभावी होंगी।