एम्स पटना में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर जागरूकता अभियान, जांच शिविर और वॉकेथॉन आयोजित
पटना (टीएचटी)। ‘साइलेंट किलर’ के नाम से जाने जाने वाले उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को पूरे विश्व के साथ-साथ एम्स पटना में भी विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026 मनाया गया। इस अवसर पर एम्स पटना के मेडिसिन विभाग की ओर से विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस वर्ष विश्व उच्च रक्तचाप दिवस की थीम “अपने रक्तचाप को सही तरीके से मापें, उसे नियंत्रित रखें एवं दीर्घायु जीवन जिएं” रखी गई थी। इसके माध्यम से लोगों को नियमित रक्तचाप जांच और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत सहित पूरी दुनिया में उच्च रक्तचाप तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। देश में लगभग हर तीन में से एक वयस्क उच्च रक्तचाप से प्रभावित है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को अपने बढ़े हुए रक्तचाप की जानकारी तक नहीं होती। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है।
इसी उद्देश्य से एम्स पटना में 16 और 18 मई 2026 को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 150 लोगों एवं संस्थान के कर्मचारियों ने भाग लिया। शिविर में प्री-हाइपरटेंशन और हाइपरटेंशन की जांच की गई। जांच के दौरान कई लोगों में बढ़े हुए रक्तचाप के संकेत पाए गए, जिन्हें तत्काल चिकित्सकीय परामर्श, काउंसलिंग तथा जीवनशैली में सुधार संबंधी सुझाव दिए गए। प्रतिभागियों को कम नमक का सेवन करने, नियमित व्यायाम करने, तनाव नियंत्रित रखने, धूम्रपान एवं शराब से दूरी बनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई।18 मई को एम्स पटना परिसर में कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में जागरूकता वॉकेथॉन का भी आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से लोगों को ‘साइलेंट किलर’ कहे जाने वाले उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रक्तचाप जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। रैली में डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिसिन विभाग द्वारा जन-जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किया गया। मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) ज्योति प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि प्री-हाइपरटेंशन की समय पर पहचान और सही प्रबंधन से भविष्य में होने वाली गंभीर हृदय एवं मस्तिष्क संबंधी बीमारियों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
वहीं एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण उच्च रक्तचाप के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार लेने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने, पर्याप्त नींद लेने और समय-समय पर रक्तचाप जांच कराने की अपील की।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार, प्रभारी डीन (एकेडमिक्स) डॉ. अजीत कुमार, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित राज, न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद राय सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी एवं संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।
जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्यक्रम के दौरान उच्च रक्तचाप के जोखिम कारकों, लक्षणों एवं बचाव उपायों से संबंधित लगभग 150 जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए। एम्स पटना द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम संस्थान की जनस्वास्थ्य जागरूकता, निवारक चिकित्सा और स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।