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सिपाही बहाली के नाम पर ठगी करने वाला गैंग धरा गया, पांच गिरफ्तार

पटना (टीएचटी)l  सिपाही बहाली परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का रामकृष्णा नगर पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। इस मामले में कुल पांच शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। पहले दो की गिरफ्तारी के बाद तीन और सदस्यों को पकड़ा गया, जिनकी गिरफ्तारी से गिरोह की जड़ें और गहरी उजागर हो गई हैं। इस गिरोह ने सैकड़ों युवाओं के भविष्य से खेल कर मोटी कमाई की थी। गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इनके अन्य सहयोगियों की तलाश और डिजिटल जांच में जुटी है।


*पहला खुलासा 19 जुलाई को, दूसरा 21 जुलाई को हुआ : 

नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने 19 जुलाई को पहली बार इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए दो आरोपियों – प्रेम प्रकाश पटेल (32 वर्ष, नालंदा) और सुबोध कुमार यादव (22 वर्ष, जमुई) को गिरफ्तार किया था। दोनों रामकृष्णानगर स्थित अग्रणी गैलेक्सी अपार्टमेंट में रहते थे।

फिर प्रेम प्रकाश की निशानदेही पर 21 जुलाई को तीन अन्य शातिर – अभिषेक कुमार (मोबाइल मिस्त्री, अगमकुआं), विपिन बिहारी साह (समस्तीपुर) और राहुल कुमार (गर्दनीबाग) को गिरफ्तार किया गया।

*कैसे हुआ खुलासा?

18 जुलाई की रात लगभग 2:30 बजे गुप्त सूचना के आधार पर भूपतिपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार युवक को रोका गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुबोध यादव बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रेम प्रकाश को भी दबोच लिया। फिर गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज हुई।

*फर्जीवाड़े का तरीका: टेक्नोलॉजी से ठगी : 

यह गिरोह अभ्यर्थियों को सिपाही बहाली परीक्षा में पास करवाने का झांसा देता था। उनसे 2 लाख एडवांस, ब्लैंक चेक और मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र जमा करवा लिया जाता था। परीक्षा में सफलता दिलाने के बाद अतिरिक्त 3 लाख की डील होती थी।

गिरोह परीक्षा में नकल करवाने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करता था। जूते, गंजी और अन्य वस्त्रों में वॉकी-टॉकी और वायरलेस डिवाइस सेट कर दिए जाते थे, जिससे बाहर बैठे लोग उत्तर बताते थे।

*बरामद सामान ने खोले राज :

पुलिस ने जिन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनके पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, जिसमें शामिल हैं:

लैपटॉप – 3, चार्जर – 2

वॉकी-टॉकी – 44, एरियल – 42

स्मार्टफोन – 10, जीएसएम बॉक्स – 5

एटीएम कार्ड – 4, चेकबुक – 3, पासबुक

हॉटगन मशीन – 2, डिवाइस, तार, बैटरी, एयरबग – 69 पीस

शैक्षणिक प्रमाणपत्र – 45 से अधिक

दर्जनों एडमिट कार्ड, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक कार, आईफोन – 2, अन्य मोबाइल

*जूते और गंजी में फिट डिवाइस : 

*प्रेम प्रकाश है इंजीनियर, गिरोह का मास्टरमाइंड :

गिरफ्तार प्रेम प्रकाश पटेल एनएसआईटी बिहटा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। वह कई निजी कंपनियों में कार्यरत रह चुका है। इसी ने सुबोध यादव के साथ मिलकर ठगी का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। अभिषेक मोबाइल रिपेयरिंग के जरिए डिवाइस उपलब्ध कराता था, जबकि अन्य लोग तकनीकी सपोर्ट और सेटअप में मदद करते थे।

*अब तक 45 अभ्यर्थियों से ठगी की पुष्टि : 

पुलिस ने 45 अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही बोर्ड को प्रमाणपत्र भेजकर वैधता की जांच कराई जाएगी।

*सिटी एसपी ने कहा कि यह गिरोह किसी को भी वास्तव में नौकरी नहीं दिला सका, केवल पैसे लेकर झांसा देता रहा।

*अभ्यर्थियों से अपील: ऐसे गिरोह से रहें सतर्क :+

सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी में ऐसे फर्जी दलालों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि सिपाही बहाली पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया है और कोई भी बाहरी मदद इसमें नहीं कर सकता।

*छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी:

पुनि आशुतोष कुमार झा (थानाध्यक्ष, रामकृष्णानगर), परिपुअनि अमलेश कुमार, परिपुअनि विक्रम कुमार, सिपाही दीपक कुमार, सिपाही देव कुमार पासवान और सिपाही रविंद्र कुमार।