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एम्स पटना में ‘समग्र देखभाल’ की पहल, मरीजों को मिलेगा वन-स्टॉप सहारा

पटना (टीएचटी)। मरीजों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक सहयोग भी मिले, इस सोच के साथ एम्स पटना ने 27 मार्च  को ‘मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट’ की शुरुआत की। यह इकाई ‘वन-स्टॉप सेंटर’ के रूप में काम करते हुए मरीजों और उनके परिजनों को काउंसलिंग, मार्गदर्शन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगी।
इलाज के दौरान किसी मरीज की यात्रा केवल दवाओं और सर्जरी तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें मानसिक तनाव, आर्थिक कठिनाइयाँ और परिवार की उम्मीदें भी शामिल होती हैं। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए और “मरीज पहले” के सिद्धांत को साकार करने के उद्देश्य से एम्स पटना में ‘मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट’ का शुभारंभ किया गया।
यह विशेष इकाई एक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ के रूप में कार्य करेगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें एक ही छत के नीचे सही मार्गदर्शन, विश्वसनीय काउंसलिंग और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस इकाई में मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कर्मचारी तैनात रहेंगे।
यह यूनिट मरीजों और उनके परिवारों को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता प्रदान करेगी, जिससे वे तनाव और कठिन परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकें। इसके साथ ही आर्थिक सहायता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से मरीज प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री राहत कोष, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच सेतु के रूप में कार्य करते हुए यह इकाई सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करेगी, ताकि योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से मरीजों तक पहुंचे। इसके अतिरिक्त, यह इकाई अस्पताल के कर्मचारियों, छात्रों और आम जनता के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगी।
उद्घाटन समारोह में कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अनूप कुमार, डीएमएस (रोगी शिकायत) डॉ. संजीब कुमार घोष और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि बेहतर सेवा वितरण और सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का बैकएंड कार्य अब इसी इकाई के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री राहत कोष और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम पहले से ही संचालित हैं, जबकि आरएएन (RAN), पीएमएनआरएफ (PMNRF) और एचएमडीजी (HMDG) जैसी अन्य योजनाओं को भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए स्वैच्छिक और दानात्मक सहयोग हेतु एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिससे समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह यूनिट जरूरतमंद मरीजों के लिए एक वास्तविक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ साबित होगी और उन्हें अत्यधिक लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि यह इकाई मरीजों को सहायता और मार्गदर्शन के लिए एक स्पष्ट और विश्वसनीय संपर्क बिंदु प्रदान करती है।
वहीं, कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि यह यूनिट मरीजों और डॉक्टरों के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद संबंध स्थापित करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे।
एम्स पटना में आने वाले लगभग आधे मरीज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आते हैं और संस्थान ने इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पहले ही पहचान बनाई है। अब ‘मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट’ की शुरुआत के साथ एम्स पटना की सेवाएं और अधिक सुलभ, सुरक्षित और मानवीय बनेंगी, जो इसे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करेंगी।