
भ्रष्टाचार मामले में फुलवारी प्रखण्ड के कुरथौल मुखिया का गया मुखियागिरी, किये गए पद मुक्त, पांच वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक
फुलवारीशरीफ (टीएचटी)l भ्रष्टाचार व गबन मामले में फुलवारीशरीफ प्रखण्ड के कुरथौल पंचायत के मुखिया गीता देवी का मुखियागिरी पद मुक्त कर दिया गया, साथ ही किसी भी तरह का पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, यह आदेश बिहार सरकार पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किया गयाl इसके बाद फुलवारी शरीफ प्रखंड के सभी पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिसद सदस्य व अन्य जनप्रतिनिधियों में खलबली मच गई है इस कार्रवाई से, सभी लोग अपने-अपने पंचयात में किये गए कार्यों के दस्ताबेज को दुरुस्त करने में जुट गए हैl फिलहाल बिहार सरकार पंचायती राज विभाग ने कुरथौल पंचायत के मुखिया गीता देवी को पद से मुक्त कर दिया गया हैl
क्या है आदेश पढ़िए : बिहार सरकार पंचायती राज विभाग आदेश सं0-2प/वि०-17-21/2024/107/ पं०रा० पटना, दिनांक-17/02/2025 लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना के पत्रांक-66 दिनांक 02.03.2024 द्वारा लोक प्रहरी वाद संख्या-05/2023 में श्रीमती गीता देवी, मुखिया, ग्राम पंचायत-कुरथौल, प्रखंड-फुलवारी शरीफ, जिला-पटना के विरूद्ध बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-18(5) के अंतर्गत कार्रवाई करने का अनुशंसा किया गया।
2. उक्त अनुशंसा के अवलोकनोपरांत विभागीय पत्रांक-3679 दिनांक 02.05.2024 द्वारा लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना से अनुरोध किया गया कि माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा CWJC No.-18126/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में सभी पक्षों को सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए अपनी अनुशंसा मूल अभिलेख तथा संबंधित अनुषंगिक दस्तावेज के साथ विभाग को उपलब्ध करायी जाये। उपर्युक्त विभागीय पत्र के आलोक में उप निदेशक, पंचायत राज, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-276 दिनांक 16.10.2024 द्वारा लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना की अनुशंसा एवं संलग्न दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराया गया।
3. लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना से प्राप्त अनुशंसा एवं अनुषंगिक दस्तावेज के अवलोकनोपरांत श्रीमती गीता देवी, मुखिया, पंचायत-कुरथौल, प्रखंड-फुलवारी शरीफ, जिला-पटना के विरूद्ध सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-18(5) के अंतर्गत कार्रवाई प्रारंभ किया गया। तदोपरांत श्रीमती गीता देवी, मुखिया को पत्रांक-1166 दिनांक 20.01.2025 द्वारा लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना द्वारा पारित आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए अपना पक्ष अधोहस्ताक्षरी के समक्ष रखने हेतु दिनांक 24.01. 2025 को नोटिस निर्गत किया गया। दिनांक-24.01.2025 को सुनवाई में श्रीमती गीता देवी, मुखिया उनके विद्वान अधिवक्ता एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, फुलवारीशरीफ उपस्थित थे।
4. सुनवाई में मुखिया श्रीमती गीता देवी से उनके विरूद्ध लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना द्वारा प्रेषित अनुशंसा में गठित आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर उनके द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में अपने पक्षों को रखा गया है। उनके साथ आये विद्वान अधिवक्ता द्वारा भी इसी बात को दोहराते हुए बताया गया कि परिवादी द्वारा राजनितिक प्रतिद्वंदिता के कारण परिवाद पत्र दिया गया है। उनके द्वारा मुखिया के विरूद्ध गठित आरोपों के संबंध में मुखिया द्वारा समर्पित लिखित अभ्यावेदन को ही अपना पक्ष बताया गया।
5. श्रीमती गीता देवी, मुखिया के विरूद्ध आरोप है कि उनके द्वारा ग्राम पंचायत-कुरथौल में उदयपुर किराना दुकान से होते हुए प्राथमिक विद्यालय, विशुनपुर पकड़ी तक रोड ढलाई एवं नाले , जिसकी लम्बाई लगभग 28 फीट एवं चौड़ाई 10 फीट का निर्माण कार्य कराया जाना है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 के GPDP में अंकित है, परन्तु योजना का कार्यान्वयन कराने हेतु प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी-सह-तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, पंचायत समिति, फुलवारीशरीफ द्वारा कई बार निदेश दिया गया, परन्तु योजना का कार्यान्वयन नहीं किया गया।
6. इस संबंध में मुखिया द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की कंडिका-2 से 4 में अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता ने स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण ग्राम सभा की बैठक में सम्मिलित होकर संबंधित सड़क व नाला का निर्माण करने के लिए प्रस्ताव उठाने के बजाये सीधे बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत सड़क और नाला निर्माण नहीं होने को लेकर परिवाद दायर किया है। उक्त के संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा पारित आदेश के पश्चात् सड़क निर्माण की योजना को ग्राम सभा में पारित करवाकर GPDP में शामिल करवाकर उक्त सड़क का निर्माण पंचायत के द्वारा करवाया जा चूका है। इसके बावजूद द्वितीय अपीलीय प्राधिकार-सह-जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा मेरे पत्र को सुने बगैर एक तरफा निर्णय लेते हुए मेरे विरूद्ध कार्रवाई किये जाने की अनुशंसा लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना से किया गया है।
7. उपर्युक्त आरोप के संबंध में जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि संदर्भित मामले की जाँच भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, पटना सदर से करायी गयी। जाँच प्रतिवेदन में उल्लिखित है कि वर्णित योजना का तकनीकी प्राक्कलन तकनीकी सहायक द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को उपलब्ध करा दिया गया था एवं पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत-कुरथौल के द्वारा योजना का अभिलेख खोल कर ग्राम पंचायत-कुरथौल के मुखिया के पास भेजा गया। अभिलेख पर 2-3 दिनों के बाद हस्ताक्षर करने का आश्वासन देते हुए हस्ताक्षर नहीं किया गया। उक्त योजना ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत 15वीं वित्त आयोग के अधीन कार्यार्थ वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्वीकृत है, जिसपर पंचायत सचिव, कुरथौल एवं मुखिया का हस्ताक्षर अंकित है। इस संबंध में दिनांक-21.08.2023 को भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, पटना सदर के द्वारा योजना स्थल का निरीक्षण किया गया एवं पाया गया कि उक्त जाँच की तिथि तक योजना का क्रियान्वयन योजना के अनुरूप स्वीकृत स्थल पर नहीं किया गया है। यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राक्कलित राशि के विरूद्ध आवंटन रहने के बावजूद भी ग्राम पंचायत-कुरथौल के मुखिया द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दिये जाने के कारण उक्त योजना को प्रारंभ नहीं किया गया। इस संबंध में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, फुलवारी शरीफ के पत्रांक-121 दिनांक-14.06.2024 द्वारा भी प्रतिवेदित किया गया है कि विषयांकित योजना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। आरोप गठित होने के पश्चात् मुखिया द्वारा आरोप के बिन्दु को क्षांत करने के उददेश्य से आनन-फानन में कार्य पूर्ण किया गया प्रतीत होता है।
8. उक्त आरोप एवं जिला पदाधिकारी, पटना से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुशीलन से स्पष्टतः यह बात प्रमाणित होती है कि मुखिया श्रीमती गीता देवी इस कार्य को कराने के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया (Biased Approch) रख रही हैं जो पदीय कर्त्तव्यों का दुरूपयोग तथा सक्षम प्राधिकार के आदेश की अवज्ञा है। मुखिया का यह कहना कि उनके विरूद्ध परिवाद राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के कारण दिया गया है, इस बात की अनुमति नहीं देता है कि वे नियम के विरूद्ध कार्य करें एवं आरोप गठित होने के उपरांत कार्य को पूर्ण करें ।
9. लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना द्वारा प्रेषित अनुशंसा के अवलोकन से ज्ञात होता है कि उक्त ग्राम पंचायत में विभिन्न योजनाएं की जाँच से यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित योजना अभिलेखों को पंचायत सचिव के पास नहीं रख कर मुखिया स्वयं अपने पास रखती है एवं अपने सुविधा अनुसार अभिलेख तैयार करातीं है। उनके पंचायत का कोई भी योजना ग्राम सभा से पारित नहीं होती है। सामग्री आपूर्ति से संबंधित सभी अभिश्रव एक ही दुकान माँ लक्ष्मी सीमेंट स्टोर, न्यू एतवारपुर, पटना के हैं। कई योजनाओं के लिए राशि की निकासी कर ली गयी है, किन्तु कार्य शुरू नहीं कराया गया है। मुखिया द्वारा जनहित आवश्यक योजनाओं को प्राथमिकता के स्तर पर नहीं लेकर पंचायत सचिव एवं वार्ड सदस्य / वार्ड सचिव के सांठ-गांठ कर मनमाने तरीके से योजनाऐं ली जाती रहीं है।
10. उपर्युक्त आरोपों के संबंध में मुखिया द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की कंडिका-5 एवं 8 में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत के लिए क्रय हेतु निर्धारित तीन प्रतिष्ठानों/फर्म/दुकानों से कोटेशन के आधार पर ही, जिसमें सबसे न्यूनतम दर निर्धारित था। उस दर पर ही माँ लक्ष्मी सीमेंट स्टोर से सिमेंट एवं अन्य सामग्री की खरीदगी की गयी थी। ग्राम पंचायत कुरथौल का पंचायत भवन पहले से कार्यशील नहीं है और पंचायत कार्य के लिए 2 कमरे का भवन है, जो काफी जर्जर अवस्था में था, उसमें ग्राम पंचायत का बैठक, अभिलेखों, फर्नीचर को सुरक्षित रखना संभव नहीं था और दुसरी तरफ मुख्य सड़क से रेलवे लाईन के पश्चिम में अवस्थित है, जिसके कारण आम लोगों को पंचायत भवन तक पैदल चलना खतरनाक था, क्योंकि रेलवे लाईन पार करने में कई दुर्घटनाओं की संभावना लगातार बनी रहती है। इन्हीं कारणों से ग्राम पंचायत के आम लोगों, पंचायत कर्मियों एवं पदाधिकारियों के सुलभ अवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में मुख्य सड़क, पटना पुनपुन NH 83 पर अवस्थित न्यू एतवारपुर से चलाया जा रहा है।
11. इस संबंध में जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा श्री शिव कुमार प्रसाद, जिला क्वालिटि मॉनिटर, जिला परिषद्, पटना, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, फुलवारीशरीफ एवं तकनीकी सहायक के संयुक्त जाँच प्रतिवेदन का उल्लेख करते हुए प्रतिवेदित किया गया है कि जाँच के क्रम में उपलब्ध कराये गये अभिलेख में सामान आपूर्ति से संबंधित सभी रसीद एक ही दुकान माँ लक्ष्मी सीमेंट स्टोर, न्यू एतवारपुर, पटना का है। मुखिया श्रीमती गीता देवी द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन में तीन कोटेशन का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन सिर्फ न्यू माँ लक्ष्मी सिमेंट स्टोर का रसीद संलग्न किया गया है एवं अन्य कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि मुखिया द्वारा निर्माण कार्य में लगने वाले सभी वस्तुओं का क्रय वित्तीय नियमों का उलंघन करते हुए किया गया है।
विभागीय पत्रांक-3283 दिनांक 14.06.2018 के माध्यम से निर्देश निर्गत है कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है, वैसे ग्राम पंचायतों में पूर्व से विभिन्न विकास कार्यों के अन्तर्गत निर्मित सरकारी भवनों यथा-पुराने पंचायत भवन, समुदायिक भवन, अन्य सार्वजनिक भवन में से किसी को चिन्हित करके ग्राम पंचायत भवन के लिए उपयोग किया जाए। साथ ही विभागीय पत्रांक-3196 दिनांक 17.05.2019 द्वारा भी ग्राम पंचायत कार्यालय का संचालन सरकारी भवनों में किये जाने का निदेश दिया गया है। इसके बावजूद मुखिया श्रीमती गीता देवी द्वारा ग्राम पंचायत कार्यालय का संचालन अपने निजी आवास पर करना विभागीय दिशा-निर्देश का स्पष्ट उल्लंघन है।
लोक प्रहरी-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से प्राप्त अनुशंसा एवं आरोपों की गम्भीरता के आलोक में आरोपित मुखिया, श्रीमती गीता देवी को बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-18 (5) के अधीन आदेश निर्गत किये जाने की तिथि से ग्राम पंचायत-कुरथौल, प्रखंड-फुलवारीशरीफ, जिला-पटना को मुखिया के पद से हटाते हुए यह आदेश दिया जाता है कि श्रीमती गीता देवी आदेश निर्गत किये जाने की तिथि से पंचायत निकायों के किसी भी निर्वाचन में अलगे पांच वर्षों तक उम्मीदवार होने के पात्र नहीं होंगी।
आदेश का कॉपी :