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फुलवारीशरीफ में भू-माफियाओं का सिंडिकेट बेखौफ

पटना (टीएचटी)l फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने को लेकर एक बड़े संगठित गिरोह के सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में एक ऐसा नेटवर्क काम कर रहा है, जो किसी भी कीमती जमीन को निशाना बनाकर पहले उसमें फर्जी दबेदारी और विवाद खड़ा करता है, फिर उसी जमीन को अपराधियों के नाम औने-पौने दाम पर एग्रीमेंट करा देता है।

 
सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित बताया जा रहा है। पहले जमीन पर फर्जी दावेदारी खड़ी की जाती है, फिर नकली कागजात और फर्जी पेपर तैयार कर असली जमीन मालिक को कानूनी और मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। इसके बाद जेल से छूटे अपराधियों और दबंग तत्वों को आगे कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास शुरू हो जाता है।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नेटवर्क में ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जो हत्या, आर्म्स एक्ट, शराब कारोबार, पुलिस इनामी, पुलिस पर हमला, एटीएम लूट और अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद इन्हीं अपराधियों का इस्तेमाल जमीन कब्जाने और लोगों में भय पैदा करने के लिए किया जा रहा है। यह सभी शार्ट कार्ट में पैसे कमाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रह रहे है l
 
विरोध करने वाले जमीन मालिकों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। गोली मारने, हत्या करने और परिवार को बर्बाद कर देने जैसी बातें कहकर लोगों को डराया जा रहा है। कई मामलों में भू-माफिया और अपराधी एग्रीमेंट पेपर लेकर सीधे थाना पहुंचते हैं और पुलिस से मदद लेने की कोशिश करते हैं। आरोप है कि असली जमीन मालिक की शिकायतों को दरकिनार कर ऐसे लोगों की बातों को ज्यादा महत्व दिया जाता है।
 
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस गिरोह की सेटिंग इतनी मजबूत है कि कुछ पुलिसकर्मी भी इनके “गुण गाते” नजर आते हैं। आरोप है कि कई मामलों में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय ऐसे लोगों के प्रभाव में दिखाई देती है। यही कारण है कि भू-माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।
 
इलाके में यह चर्चा भी आम हो चुकी है कि जमीन कब्जाने की पूरी पटकथा बड़े कार्यालयों में नहीं, बल्कि पान और चाय की गुमटियों पर तैयार होती है। वहीं बैठकर जमीन की जानकारी जुटाई जाती है, विवाद खड़ा करने की रणनीति बनती है और फिर अपराधियों के जरिए कब्जे का खेल शुरू होता है।
 
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते इस गिरोह पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो फुलवारीशरीफ में आम लोगों के लिए अपनी ही जमीन बचाना मुश्किल हो जाएगा। इलाके में लगातार बढ़ते आरोपों ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब इस पूरे मामले को लेकर बड़ा खुलासा होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अगले एपिसोड में उन भू-माफियाओं और पुलिस पदाधिकारियों की तस्वीरों के साथ विस्तृत खबर सामने लाई जाएगी, जिन पर जमीन कब्जाने के खेल में शामिल होने के आरोप हैं। उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि आम जनता भी उन चेहरों को पहचान सके, जिनके खिलाफ इलाके में लगातार शिकायतें उठ रही हैं।
 
हालांकि इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही शिकायतों और चर्चाओं ने फुलवारीशरीफ में जमीन कब्जाने के इस कथित नेटवर्क को लेकर माहौल गर्म कर दिया है।