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एम्स : सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी
www.todayhindtimes.com 20 Sep 82 views हेल्थ

एम्स : सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी

घाव काटने-चूसने, जलाने और जड़ी-बूटी लगाने से बचने की दी सलाह, कार्यकारी निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल ने की पहल की सराहना

पटना (टीएचटी)। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और घरेलू उपचार के चक्कर में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इसी संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एम्स पटना के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की ओर से शनिवार को ओपीडी फोयर में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एम्स के नर्सिंग स्टाफ ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक सावधानियों की जानकारी दी।

नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया गया कि सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय मरीज को शांत रखें और उसे अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें। पीड़ित को बिना देरी किए अस्पताल ले जाना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर जटिलताओं से बचाव में मदद मिल सकती है।

घाव काटना या चूसना नुकसानदायक

कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि सांप के काटने के बाद घाव को काटना या चूसना, जलाना, जड़ी-बूटी या किसी तरह का केमिकल लगाना नुकसानदायक हो सकता है। झाड़-फूंक अथवा किसी अप्रमाणित घरेलू उपचार में समय गंवाने से इलाज में देरी हो सकती है और मरीज को अतिरिक्त नुकसान भी पहुंच सकता है। सांप के काटने के तुरंत बाद गंभीर लक्षण नहीं दिखें, तब भी चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

डॉ. अग्रवाल ने की जागरूकता पहल की सराहना

कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह मौजूद रहे। डॉ. अग्रवाल ने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और नर्सिंग स्टाफ के जागरूकता प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्पदंश को हल्के में नहीं लेना चाहिए और पीड़ित को बिना समय गंवाए उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना चाहिए। ओपीडी फोयर में प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने मरीजों और उनके परिजनों का ध्यान आकर्षित किया। संवाद और अभिनय के माध्यम से दिया गया संदेश लोगों के लिए सहज और याद रखने योग्य रहा।